
17 नवंबर का इतिहास
1928 : स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय का निधन हुआ।
1278 : इंग्लैंड में 680 यहूदियों को नकली मुद्रा भंडार के आरोप में गिरफ्तार किया गया और उनमें से 293 को फांसी पर लटका दिया।
1525 : मुगल शासक बाबर ने भारत के उद्देश्य से सिंध के रास्ते में पांचवें बार प्रवेश किया।
1900 : प्रसिद्ध भारतीय शिष्या श्रीमती सरोजिनी नायडू की पुत्री पद्यजा नायडू का जन्म हुआ।
17 नवंबर 2024 से संबंधित करेंट अफेयर्स
जलवायु परिवर्तन सम्मेलन 2024

वार्षिक संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन बाकू, अजरबैजान में शुरू हुआ। दो सप्ताह तक चलने वाला यह कार्यक्रम जिसे वित सीओपी कहा जाता है, जलवायु प्रभावों के प्रति सर्वाधिक संवेदनशील देशों के लिए नए जलवायु वित लक्ष्य को सुरक्षित करने पर केंद्रित होगा। भारत और वैश्विक दक्षिण के लिए वित, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा संसाधनों तक पहुंच जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने और जलवायु परिवर्तन के अग्रिम मोर्चे पर समुदायों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है। भारतक बाकू में जलवायु वित के लिए एक नया सामूहिक परिमाणित लक्ष्य प्राप्त करने का प्रयास करेगा ।
हिंडाल्को को टिकाऊ एल्युमीनियम कंपनी का दर्जा

हिंडाल्को को विश्व की सर्वाधिक टिकाऊ एल्युमीनियम कंपनी का दर्जा दिया गया। लगातार पांचवे वर्ष आदित्य बिडला समूह की प्रमुख धातु कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड को विश्व की सर्वाधि कटिकाऊ एल्युमीनियम कंपनी का दर्जा दिया गया हैं। एसएंडपी ग्लोबल कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट रैंकिंग के 2024 संस्करण में हिंडाल्को शीर्ष स्थान हासिल करने वाली एकमात्र एल्युमीनियम कंपनी थी। वह अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी से 22 अंक आगे है।
एमएसएमई के लिए वितीय पहुंच बढ़ाने का प्रयास

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए वितीय पहुंच को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया। इसे वितीय सेवा विभाग वित मंत्रालय, भारत सरकार और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वितीय सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के विकास को बढ़ावा देना हैं। केंद्रीय वित मंत्री ने कर्नाटक में सिडबी की छह नई शाखाओं का भी वर्चुअल उद्धघाटन किया ।
रूस-उत्तर कोरिया सामरिक साझेदारी संधि
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर ने उत्तर कोरिया के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने के लिए एक संधि पर हस्ताक्षर किए। इस संधि पर मूल रूप से 19 जून को प्योंगयांग में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे। इसकी पुष्टि 24 अक्टूबर को संसद के निचले सदन द्वारा की गई थी। रूस की संसद के ऊपरी सदन ने विधेयक को मंजूरी दी। इस संधि के तहत यदि किसी भी देश पर सशस्त्र हमला होता है, तो तत्काल सैन्य और अन्य प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी।
टाटा पावर का सौर और पवन ऊर्जा में निवेश

टाटा पावर ने अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के साथ मिलकर सौर ऊजा और ऊर्जा क्षमता के विकास के लिए 550 करोड़ रूपये का निवेश किया है। यह प्रतिष्ठित कदम भारत के पोर्ट्रेट क्षेत्र में सतत् परमाणु ऊर्जा निगम के निर्माण का टाटा पावर का हिस्सा हैं। इस सहयोग के तहत 13 सदस्यीय सौर ऊर्जा संयंत्र और 10.8 पवन ऊर्जा संयंत्र का विकास किया जाएगा, जो एनआईए के संचालन को शक्ति प्रदान करेगा और हवाई अड्डे के स्थायित्व लक्ष्य में योगदान देगा ।
अग्निशमन सेवाओं का विस्तार और आधुनिकीकरण

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति ने छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 725.62 करोड़ रूपये की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी। अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के तहत पश्चिम बंगाल के लिए 376.76 करोड़ रूपये, ओडिशा के लिए 201.10 करोड़ रूपये और छत्तीसगढ़ के लिए 147.76 करोड़ रूपये मंजूर किए गए हैं।
एफपीआई निवेश पर आरबीआई का नया फ्रेमवर्क

भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को अपने निवेश को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में बदलने की अनुमति देने के लिए एक रूपरेखा प्रस्तुत की। 10% निवेश सीमा के बाद एफपीआई को भारतीय कंपनियों में इक्विटी होल्डिंग्स में परिवर्तित किया जा सकता हैं। वर्तमान में एफपीआई किसी भारतीय कंपनी की कुल पेड उप इक्विटी कैपिटल का अधिकतम 10% हिस्सा रख सकते हैं। 10% निवेश के बाद एफपीआई के पास अधिशेष शेयरों को बेचने या उन्हें एफपीआई के रूप में पुनर्वर्गीकृत करने के दो विकल्प हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के नए फ्रेमवर्क में यह अनिवार्य है कि उल्लंघन करने वाले ट्रेडों के निपटान की तिथि से पांच कारोबारी दिनों के भीतर इस पुनर्वर्गीकरण को अंतिम रूप दिया जाएगा।
अंतिम रूप देना अनिवार्य होगा।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा पर राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्धघाटन किया। इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के लिए विभिन्न दृष्टिकोणों और पद्धतियों का प्रसार करना हैं। कार्यशाला राज्य संस्थानों में एनईपी को अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और अधिक मजबूत समावेशी और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली का मार्ग प्रशस्त करेगी।
Disclaimer:
इस लेख में संदर्भित सभी समाचार स्रोत प्रतिष्ठित प्रकाशनों से लिए गए हैं, जिनमें The Hindu, Times of India, India Today, and Press Information Bureau (PIB) शामिल हैं। प्रदान की गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है।
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